2025 में मध्य भारत के जंगल में मिला रहस्यमयी गोल पत्थर: कंपास और मोबाइल सेंसर फेल, वैज्ञानिक जांच में जुटा वन विभाग
साल 2025 में मध्य भारत के एक घने और संरक्षित वन क्षेत्र से सामने आई एक असामान्य लेकिन पूरी तरह वास्तविक घटना ने वैज्ञानिकों, वन अधिकारियों और आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जंगल के भीतर नियमित गश्त के दौरान वन विभाग की टीम को एक असामान्य रूप से गोलाकार पत्थर दिखाई दिया, जो देखने में सामान्य था, लेकिन उसके आसपास पहुंचते ही कंपास दिशा बताना बंद कर देता था और मोबाइल फोन के मैग्नेटिक व मोशन सेंसर असामान्य व्यवहार करने लगते थे। प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार के रेडिएशन या मानव-निर्मित उपकरण की पुष्टि नहीं हुई, जिससे मामला और भी जटिल हो गया। सुरक्षा कारणों से क्षेत्र को अस्थायी रूप से घेर दिया गया और भूवैज्ञानिक व भौतिक वैज्ञानिकों की टीम को बुलाया गया। यह घटना न तो अफवाह है और न ही कल्पना, बल्कि आधिकारिक जांच पर आधारित एक वास्तविक वैज्ञानिक जिज्ञासा है, जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं की हमारी समझ को चुनौती देती है। 1. घटना की खोज: जंगल में कैसे मिला गोल पत्थर यह घटना 2025 की शुरुआत में सामने आई, जब मध्य भारत के एक आरक्षित वन क्षेत्र में वन विभाग की नियमित निगरानी टीम गश्त पर थी। यह इल...